पंगा लेगा

क्यो नहीं कहते दिल की बात

आत्म विश्वास तथा समस्या का हल

मेरी नजर में आत्म विश्वास को खोने का सबसे बड़ा कारण है अधिकतर लोग समस्या का खत्म करना चाहते है। जबकि समस्या कोई बीमारी नहीं जिसका इलाज के द्वारा खत्म किया जा सके। समस्या तो एक सतत् प्रक्रिया है जो कभी खत्म नहीं हो सकती जो इसे जीतने के लिए लड़ने लगते है वो हारने पर बुरी तरह परेशान हो जाते और कभी कभी आत्महत्या भी कर लेते। वैसे मरने के बाद कोई समस्या नही रहती तो क्या समस्या का हल मरना है नहीं। प्रश्न है कैसे हल किया जाये। मेरी नजर मे दो तरीके है। पहला है जाल में फसे शेर की तरह से पूरी ताकत जाल को तोड़ने में लगाना पर शायद ही आज तक कोई शेर जाल तोड़ पाया हो। दूसरा तरीका है जाल फसे चूहे की तरह। चूहा कभी भी जाल तोड़ने में ताकत नहीं लगाता बल्कि जाल का एक एक तार काटने लगता और अपने निकले लायक जगह बनते ही भाग जाता है। हम कुछ शेर तरह ही करते पूरी समस्या ही एक साथ खत्म करना चाहते है। यदि पूरी समस्या को खत्म करने में ध्यान न लगा कर सिर्फ एक दो तार काटकर निकलने लायक जगह बनाई जाये तो ज्यादा बेहतर होगा।

June 21, 2008 - Posted by अजीत कुमार मिश्रा | Uncategorized | , | No Comments Yet

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